वार्तालाप का विषय शांति—क्या यह आपकी हो सकती है? भजन ३७:१, ११—विश्व-व्यापी शांति प्रतिज्ञात। भजन ३७:३४—परमेश्वर के मार्ग में लगे रहने का महत्त्व।