घोषणाएँ
▪साहित्य भेंट दिसम्बर: पुस्तक आप पृथ्वी पर परादीस में सर्वदा जीवित रह सकते हैं, २५ रुपये के चंदे पर (बड़ा संस्करण ४५ रुपये का है)। विकल्पतः, जहाँ उपयुक्त हो वहाँ, या तो पुस्तक वह सर्वश्रेष्ठ मनुष्य जो कभी जीवित रहा या बाइबल कहानियों की मेरी पुस्तक ४५ रुपए के चंदे पर पेश की जा सकती है। जनवरी: पुरानी १९२-पृष्ठ की पुस्तकों की विशेष भेंट १० रुपए प्रति के चंदे पर। इस वर्ग में निम्नलिखित किताबें हमारे पास अब भी उपलब्ध हैं: अंग्रेज़ी: क्या यही जीवन सब कुछ है? और मनुष्य यहाँ क्रमविकास से या सृष्ट से आया? कन्नड़: “तेरा राज्य आए” और “बातें जिनमें परमेश्वर का झूठ बोलना असंभव है;” गुजराती: आपके लिए आनन्द का सुसमाचार, “तेरा राज्य आए,” और सत्य जो अनन्त जीवन की ओर ले जाता है; तमिल और हिन्दी: “तेरा राज्य आए;” तेलगू: क्या यही जीवन सब कुछ है? मराठी: “तेरा राज्य आए” और महान् शिक्षक की सुनना। नेपाली अथवा बंगला पढ़ना पसन्द करनेवालों को कोई भी ३२-पृष्ठ का ब्रोशर पेश किया जा सकता है। पुस्तक अपना पारिवारिक जीवन आनन्दित बनाना मलयालम चुननेवाले व्यक्तियों को २० रुपए के चंदे पर और पुस्तक ज्ञान जो अनन्त जीवन की ओर ले जाता है पंजाबी पसन्द करनेवालों को २० रुपए के चंदे पर प्रस्तुत की जा सकती है। कृपया ध्यान दीजिए कि ऊपर बतायी गयी ये आख़िरी दो पुस्तकें विशेष दर पर प्रस्तुत नहीं की जानी हैं। फरवरी: पुस्तक आप पृथ्वी पर परादीस में सर्वदा जीवित रह सकते हैं २५ रुपए के चंदे पर (बड़ा संस्करण ४५ रुपए का है), या पुस्तक अपना पारिवारिक जीवन आनन्दित बनाना (अंग्रेज़ी), २० रुपए के चंदे पर। पुस्तक ज्ञान जो अनन्त जीवन की ओर ले जाता है २० रुपए के चंदे पर पंजाबी पसन्द करनेवाले व्यक्तियों को पेश की जा सकती है। विकल्प के रूप में, कोई भी पुरानी १९२-पृष्ठ की ख़ास भेंट की पुस्तकों को १० रुपए के चंदे पर पेश किया जा सकता है।
सूचना: हम सभी कलीसियाओं को पारिवारिक जीवन और सर्वदा जीवित रहना पुस्तकों का अच्छा प्रयोग करते रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। प्रकाशकों को पूरे साल के दौरान इन पुस्तकों की प्रतियाँ अपने साथ रखने और उन्हें हर उचित अवसर पर पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। जिन कलीसियाओं ने ऊपर बताई गयी अभियान वस्तुओं का निवेदन अब तक नहीं किया है, उन्हें अपने अगले साहित्य निवेदन फ़ार्म (S-AB-14) पर ऐसा करना चाहिए।
▪ प्रीसाइडिंग ओवरसियर या उसके द्वारा नियुक्त किसी भाई को कलीसिया की लेखा-परीक्षा दिसम्बर १ या उसके बाद यथाशीघ्र करनी चाहिए। ऐसा किए जाने पर कलीसिया में घोषणा कीजिए।
▪ १९९७ के लिए स्मारक रविवार, मार्च २३ को सूर्यास्त के बाद है। यह अनुस्मारक इसलिए दिया जा रहा है ताकि जहाँ आवश्यक हो वहाँ भाई सभा-भवनों का आरक्षण कर सकें।
▪ जनवरी से सर्किट ओवरसियर वह जन भाषण देंगे जिसका शीर्षक है: “कौन यहोवा हमारे परमेश्वर के तुल्य है?” गुरुवार (या शुक्रवार) को उनके पहले सेवा भाषण का शीर्षक है: “सुसमाचार में अत्यधिक रूप से व्यस्त रहिए,” और उसी दिन, ४५-मिनट संयुक्त कलीसिया पुस्तक अध्ययन के बाद दिया जानेवाला दूसरा सेवा भाषण है: “सद्गुण या दुर्गुण—आप किसका पीछा करते हैं?” इन में से प्रत्येक भाषण २५ मिनट के लिए होगा, जिससे गुरुवार (या शुक्रवार) की सभा की कुल अवधि एक घंटा और ५० मिनट हो जाती है। चर्चा ‘सीखी हुई बातों में लगे रहिए’ बदल दी गयी है।
▪ १९९७ का वार्षिक-पाठ है: “मुझ को यह सिखा, कि मैं तेरी इच्छा क्योंकर पूरी करूं।”—भजन १४३:१०. यह अच्छा होगा यदि कलीसियाएँ नया वार्षिक-पाठ लिखा हुआ अपना बोर्ड तैयार कर लें ताकि वह जनवरी १, १९९७ को या उसके बाद यथाशीघ्र प्रदर्शित किया जा सके।
▪ कलकत्ता के ज़िला अधिवेशन की तारीख़ जनवरी ३-५, १९९७ कर दी गयी है।
▪ १९९७ के दौरान उपयोग के लिए सेवा फ़ार्मों की एक पर्याप्त मात्रा प्रत्येक कलीसिया को भेज दी गयी है। कलीसिया सचिवों को सम्बद्ध भाइयों को उचित फ़ार्म वितरित करने में मदद के लिए फ़ार्मों के साथ एक जाँच-सूची संलग्न थी। ये फ़ार्म केवल उनके अभीष्ट उद्देश्य के लिए ही प्रयोग किए जाने चाहिए, उन्हें व्यर्थ नहीं किया जाना चाहिए। कृपया निश्चित कीजिए कि फ़ार्म आपकी कलीसिया के लिए एक साल के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। यदि अतिरिक्त फ़ार्मों की आवश्यकता हो, तो उनका ऑर्डर तुरन्त किया जाना चाहिए। कृपया केवल उतना ही ऑर्डर कीजिए जितना कि दिसम्बर १९९७ तक की ज़रूरत हो।
फ़ार्मों के साथ नयी प्रहरीदुर्ग प्रकाशन सूची की चार प्रतियाँ शामिल थीं। एक सचिव के पास रहनी चाहिए और अन्य प्रतियाँ उन भाइयों को वितरित कर दी जानी चाहिए जो साहित्य, पत्रिकाएँ, और हिसाब-किताब की देखरेख करते हैं।