राज्य हॉलों की पहचान करना
१ प्रत्येक राज्य हॉल को स्पष्ट रूप से एक उचित नाम-पट्ट के द्वारा पहचान दी जानी चाहिए जिस पर लिखा होता है: “यहोवा के गवाहों का राज्य हॉल।” यह पट्ट स्वच्छ, सुरुचिपूर्ण, और अनुरक्षित होना चाहिए।
२ जहाँ विभिन्न भाषा बोलनेवाली मण्डलियाँ एक ही राज्य हॉल में मिलती हैं, साधारणतः हर भाषा में एक राज्य हॉल पट्ट लगाया जाना चाहिए। यह अवश्य उन लोगों को हमारे उपासना स्थल को पहचानने में आसान बनाता है जो उन भाषाओं को बोलते हैं। सम्बन्धित सभाओं के प्राचीनों की समिती उस अमुक राज्य हॉल को उपयोग करनेवाली मण्डलियों की भाषाओं में उचित राज्य हॉल नाम पट्टों को लगाने की व्यवस्था करनी चाहिए।—फिलि. २:४.
३ इसके अतिरिक्त, जहाँ व्यावहारिक हो, सभाओं के संचालन समय लगाया जाना चाहिए। एक ऐसे राज्य हॉल पर, जो एक से अधिक भाषा बोलनेवाले समूह द्वारा उपयोग किया जा रहा है, एक संयुक्त नाम-पट्ट होना चाहिए जो प्रत्येक भाषा वर्ग के सभा समयों को सूचित करता है।