संस्था के विश्वव्यापी कार्य के लिए दिए गए दान विस्तार में सहायता देते हैं
जैसे यशायाह ५४:२, ३ में पूर्वबताया गया है, यहोवा की शुद्ध उपासना का विस्तार पूरी पृथ्वी में जारी है। पिछले दस वर्षों के दौरान, अंगोला, इक्वेटोरियल गिनी, इथियोपिया, कैमरून, टोगो, मलावी, मॆडागास्कर, और मोज़म्बीक जैसी जगहों में राज्य गतिविधि पर लगाए गए प्रतिबन्ध हटाए गए हैं। इनमें और अन्य देशों में जहाँ कटनी के लिए खेत पक चुके हैं, गिलियड मिशनरी, सेवकाई-कार्य प्रशिक्षण स्कूल के स्नातक, बॆथॆल परिवार के सदस्य, और अन्य लोगों ने नियुक्तियाँ ली हैं।—मत्ती ९:३७, ३८.
स्पष्टतया, यहोवा के संगठन में सच्चे उपासकों की वृद्धि, सैकड़ों नए राज्यगृहों के निमार्ण की माँग करती है। सम्मेलन भवनों और नए या विस्तृत शाखा सुविधाओं के लिए योजना बनाना भी आवश्यक रहा है, जैसे हम यहाँ भारत में कर रहे हैं। पूरे संसार में इन परियोजनाओं का ख़र्च उठाने साथ ही साथ राज्य कार्य को आगे बढ़ाते रहने के कारण संस्था के विश्वव्यापी कार्य को दिए गए दानों की काफ़ी मात्रा व्यय हुई है।
इन दोनों पन्नों पर दिए गए चित्रों और चित्रांकनों से—निमार्ण-कार्य जो अभी चल रहा है और परियोजनाएँ जो जल्द ही शुरू होंगी—आपको कुछ अंदाज़ा मिलेगा कि संस्था अफ्रीकी क्षेत्र में क्या निष्पन्न कर रही है। यहाँ भारत में, हमें शासी निकाय से ५० एकड़ ज़मीन ख़रीदने और उस पर इमारतें बनाने के लिए प्राधिकरण मिला है ताकि लगभग ४०० बॆथॆल सदस्यों के लिए आवास और कार्य करने के लिए जगह, साथ ही साथ रसोईघर, भोजनकक्ष, धुलाई घर और रख-रखाव कार्यशालाएँ जैसी सुविधाओं का प्रबन्ध किया जा सके।
इस वर्ष अप्रैल २ के दिन, ४१,१९३ लोग भारत के स्मारकोत्सव में उपस्थित हुए—उस महीने रिपोर्ट करनेवाले प्रकाशकों की संख्या से ढाई गुना से भी ज़्यादा! हम दुआ करते हैं कि इन उपस्थित होनेवालों में से अनेक जन जल्द ही यहोवा की शुद्ध उपासना में हमारे साथ शामिल होंगे, जिसका अर्थ होगा ज़्यादा कलीसियाएँ और ज़्यादा राज्यगृहों की आवश्यकता। यह हम पर इस बात का प्रभाव डालता है कि सच्ची उपासना के हेतु को भौतिक रूप से समर्थन देने का हमारे पास क्या ही विशेषाधिकार है। कलीसियाओं के लिए ऐसा करने का एक तरीक़ा है राज्यगृह सहायता प्रबन्ध के लिए निधि भेजना।—लूका १६:९; १ तीमु. ६:१८.
[पेज 3 पर तसवीरें]
क्वाज़ूलू-नाताल, दक्षिण अफ्रीका का राज्यगृह जो ९ दिनों में बनाया गया
नाइजीरिया में किफ़ायती रूप से निर्मित राज्यगृह
मोज़म्बीक का सम्मेलन भवन जिसमें १,५०० जनों के लिए सीटें हैं और जिसे १९९६ के अन्त तक पूरा किया जाना है
मोज़म्बीक शाखा सुविधाएँ, जिन्हें १९९६ की शरत तक निवास के लिए तैयार होना है
[पेज 4 पर तसवीरें]
सीएरा लीयोन शाखा, इस ग्रीष्म में पूरा किए जाने के लिए नियत
मॉरीशस में समाप्त बिन-दीवारोंवाला सम्मेलन भवन, साथ ही शाखा सुविधाएँजिन्हें १९९७ के वसन्त में पूराकिया जाना है
निर्माणाधीन ज़िम्बाबवे शाखा
सेनिगल में बिन-दीवारोंवाला सम्मेलन भवन और निर्माणाधीन नयी शाखा
राजधानी, नाइरोबी मेंनयी केन्या शाखा
मॆडागास्कर शाखा, जिसेजल्द पूरा किया जाना है
मलावी के लिए प्रस्तावित शाखा इमारतें