सुसमाचार की भेंट—साहसपूर्वक अभिदानों की भेंट करते हुए
इस में कोई शक नहीं कि द वॉचटावर (प्रहरीदुर्ग) इस पृथ्वी पर की सब से उत्कृष्ट बाइबल अध्ययन पत्रिका है! क्या आप स्वीकार करते हैं कि यह सच है? अगर ऐसा है, तो क्या सभों को इसके लिए अभिदान करने का एक मौका नहीं दिया जाना चाहिए?
२ द वॉचटावर पढ़ने से आपने वैयक्तिक रूप से कैसे मदद प्राप्त की है? यह सम्भव है कि हममें से प्रत्येक कुछ बता सकते हैं जिसके द्वारा हमने मदद पायी है। कुछ ऐसा कहेंगे कि यह, हमें इन समयों के महत्त्व के बारे में, जिनमें हम जी रहे हैं, चिताने का मुख्य माध्यम है। या फिर इसने हमें “समयों के चिन्हों” के सच्चे अर्थ को सीखने के योग्य बनाया है जो कि आज मानव जाति को उलझन में डाला है। (मत्ती १६:३) दूसरे कहेंगे कि वे इस सुसमाचार से आश्वस्त हुए हैं, कि परमेश्वर का राज्य जल्द ही उनका नाश करेगा जो उनके संगी मानवों पर ज़ुल्म करते हैं। द वॉचटावर ने इस विचार का समर्थन ११० सालों पहले, उसकी शुरुआत से ही किया है। बेशक हम यह कह सकेंगे कि इस उत्कृष्ट बाइबल पत्रिका ने हमें उस छुड़ाई प्रबन्ध पर विश्वास बढ़ाने के लिए मदद दी है जिसके द्वारा मनुष्यों को अनन्त जीवन पाने का अवसर मिला है। दूसरों को इन सच्चाईयाँ सीखने की आवश्यकता है।
अपनी मनोवृर्त्तिं में सकारात्मक बनें
३ द वॉचटावर में परमेश्वर की बुद्धि पर बल दिया गया है और मनुष्य के तर्क पर नहीं। (यश. ५५:८, ९) ऐसी बुद्धि की अत्यावश्यकता आज सभों को है। यह ज़िन्दगियों को सुधार सकता है और सही लक्ष्यों को विकसित कर सकता है। “जीते रहने” के लिए यह आवश्यक है। (नीति. ९:१-६) इस पर विश्वास पाने के बाद हम एक सकारात्मक मनोवृत्ति के साथ अभिदान की भेंट करेंगे, यह पहचानते हुए कि हमारे पास वह चीज़ है जिसकी आवश्यकता औरों को है। ध्यानपूर्वक प्रत्येक अंक पर विचार करें और उन वाक्यों को ढूँढ निकालें जो आपके अनुसार गृहस्वामी के लिए सहायक होगा। जब आप इन पत्रिकाओं को सेवकाई में पेश करेंगे, ऐसी पूर्व-तैयारी आपको एक सकारात्मक आत्मा प्रदर्शित करने के लिए मदद देगी।
४ कुछ व्यक्तियाँ अभिदानों की भेंट करते समय, नकारात्मक दृष्टिकोण दिखाने के लिए प्रवृत्त होंगे। वे गृहस्वामी को बात-चीत में भागीदार बनाएंगे, वार्तालाप के विषय पर भी चर्चा करेंगे, और फिर अभिदान देने के बजाय दो पत्रिकाएं और एक ब्रोशुअर ७ रुपए की चन्दा में देंगे। क्यों? उसकी क़ीमत? अगर यह बात है, तो यह व्यावहारिक विवेचन नहीं है। जब कि सांसारिक प्रकाशनों की तुलना में इस अभिदान की क़ीमत न्यूनतम है, पाठक के लिए इसके मूल्य की तुलना में यह अमूल्य है। इसलिए सकारात्मक बनें और द वॉचटावर का अभिदान केवल ४० रुपए (प्रहरीदुर्ग के लिए २० रुपए) में या उसे उसकी सह-पत्रिका अवेक! के अभिदान के साथ केवल ८० रुपए में प्रस्तुत करें।
५ एक बहन अभिदानों की भेंट करने के लिए निश्चित थी, इसलिए उसने दो महिनों की अवधि के लिए ५० अभिदानों का लक्ष्य रखा। उस बहन ने पहले महिने में ३१ अभिदान और दो महिनों की अवधि में कुल ५० अभिदानों को प्राप्त की। उसने कहा जब कोई अभिदान करना चाहता था लेकिन पास पैसा नहीं होता, वह पैसा इकट्ठा करने के लिए तीन या चार बार तक वापस जाया करती थी। (yb८९, पृष्ठ ६०-१; १९९० इयरबुक, पृष्ठ ४७-९ भी देखें।) जापान में, जहाँ एक वर्ष के अभिदान की क़ीमत २३५ रुपए के बराबर है, भाईयों ने अक्टूबर में ७१,६०० से अधिक अभिदानों की भेंट की, जो एक नया शिखर है और एक वर्ष पहले के उसी महिने से ५७-प्रतिशत की वृद्धि है।
हिम्मत के साथ चलते रहो
६ सेवकाई में साहसी बनने का हमारे पास सभी कारण है—हमरे पास यहोवा का समर्थन है। (प्रेरितों १४:३) उन प्राथमिक उपकरणों में से एक द वॉचटावर है जिसे यहोवा आज सुसमाचार को फैलाने के लिए उपयोग कर रहा है। अगर हम अभिदानों की भेंट करेंगे और फिर उन पत्रिकाओं को पढ़ने के लिए प्रोत्साहन के साथ पुनःभेंट करेंगे तो हमारी परिश्रमी कोशिश लोगों की जानें बचाएंगी। इसलिए चलो हम इन अभिदानों को उन सभों को उत्साह और साहस के साथ भेंट करें, जिन्हें हम जानते हैं और जिन्हें हम क्षेत्र सेवकाई में मिलते हैं।