परमेश्वर के घर के लिए मूल्यांकन दिखाइए
बाइबल समयों में यहोवा ने अपने लोगों को उसके घर पर नियमित रूप से एकसाथ एकत्रित होने का आदेश दिया था। (लैव्य. २३:२) मनन करने, संगति करने, और यहोवा की व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए समय देते हुए, इन समूहनों ने परमेश्वर के वचन पर अपना मन लगाने के लिए उनकी सहायता की। उनके मन परमेश्वर के विचारों से भर गए, जो भरपूर आध्यात्मिक आशिषें लाया। ये सचमुच ख़ुशी के अवसर थे। इस प्रबन्ध ने एकता और स्वच्छ उपासना को बढ़ावा दिया। आज परमेश्वर के घर में समूहन कुछ कम महत्त्व के नहीं हैं।
२ हम कैसे दिखा सकते हैं कि हम सभाओं का मूल्यांकन करते हैं? कुछ कलीसियाएँ कम सभा उपस्थिति रिपोर्ट करती हैं। कभी-कभार एक व्यक्ति की परिस्थिति उसे सभा में उपस्थित होने से रोक सकती है। लेकिन क्या आपने अपेक्षाकृत छोटी समस्याओं को नियमित सभा उपस्थिति में बाधा डालने दिया है? कुछ लोग शायद हल्का-सा सरदर्द के कारण या एक व्यस्त दिन के बाद थकान महसूस करने के कारण घर पर ही रहने का निर्णय कर सकते हैं। अन्य लोग उन अविश्वासी रिश्तेदारों की ख़ातिरदारी करने को बाध्य महसूस किए हों, जो भेंट करना चाहते हैं। कुछ लोग मनपसन्द टी.वी. कार्यक्रम या कोई खेल-कूद स्पर्धा देखने के लिए भी सभाओं को चूके हैं। इन परिस्थितियों में प्रदर्शित किए गए मूल्यांकन का स्तर स्पष्टतया कोराह के पुत्रों द्वारा व्यक्त की गयी हार्दिक अभिलाषा के बराबर नहीं है: “मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्छित हो चला।”—भज. ८४:२.
३ हालाँकि सभाओं में आध्यात्मिक भोजन प्रचुरता में प्रदान किया जाता है, उपस्थित जनों में से कुछ लोगों को ध्यान देने में कठिनाई होती है। वे अपने आपको शायद दिवास्वप्न देखते हुए, दिन की चिन्ताओं के बारे में सोचते हुए, या यहाँ तक कि झपकी लेते हुए पा सकते हैं। अनेक लोगों ने पाया है कि संक्षिप्त नोटस् लेना उन्हें सतर्क रहने में और जो कहा जा रहा है उस पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है। बातों को लिखना जानकारी को मन में बिठा भी देता है। इसके अतिरिक्त, पूर्व-तैयारी करना पूरी तरह से लाभ प्राप्त करने के लिए एक सहायक है। यदि हम अच्छी तरह से तैयारी करते हैं, तो हम “सामान्य से ज़्यादा ध्यान देने” में समर्थ होंगे।—इब्रा. २:१, NW.
४ बच्चों को और साथ ही साथ वयस्कों को भी सभाओं में प्रदान किए गए उपदेश को आत्मसात् करने की ज़रूरत है। बच्चे शायद ही कुछ सीख सकेंगे यदि माता-पिता उन्हें व्यस्त और शांत रखने के लिए खिलौने या रंग भरने की पुस्तकें देते हैं। जब बच्चों को खेलने, बात करने, रोने, या कोई दूसरे काम करने की अनुमति दी जाती है तो उचित अनुशासन की कमी होती है, जो पास बैठे लोगों को परेशान करती है। सभा के दौरान घड़ी-घड़ी और बेवजह पानी पीने या शौचालय जाना सामान्यतः कम हो जाता है जब बच्चा जानता है कि उसके माता या पिता हमेशा उसके साथ जाएँगे।
५ वक़्त की पाबंदी महत्त्वपूर्ण है: कभी-कभार, अनिवार्य परिस्थितियाँ हमें वक़्त पर सभा में पहुँचने से रोक सकती हैं, लेकिन आदतन देरी से पहुँचना—शुरूआत के गीत और प्रार्थना के बाद—सभाओं के पवित्र उद्देश्य और दूसरों को परेशान न करने की हमारी ज़िम्मेदारी के प्रति आदर की कमी दिखाता है। याद रखिए कि कलीसिया सभाओं में हमारे भाइयों के साथ गाना और प्रार्थना करना हमारी उपासना का भाग है। आदतन देरी से आना सामान्यतः अच्छी व्यवस्था नहीं करने या पहले से योजना बनाने की असफलता का परिणाम है। वक़्त का पाबंद होना दिखाता है कि हम अपनी सभाओं का आदर और मूल्यांकन करते हैं।
६ जैसे-जैसे दिन निरंतर नज़दीक आता जाता है, एकसाथ एकत्रित होने की ज़रूरत केवल बढ़ ही सकती है। (इब्रा. १०:२४, २५) आइए हम नियमित सभा उपस्थिति, पूर्व-तैयारी, वक़्त की पाबंदी, एकाग्रचित ध्यान, और फिर जो सीखते हैं उसे लागू करने के द्वारा अपना मूल्यांकन दिखाएँ।