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राज-सेवा 6/13 पेज 4

पेशकश के नमूने

जुलाई के पहले शनिवार को बाइबल अध्ययन शुरू करने के लिए

“आज हर कोई यही चाहता है कि दुनिया में शांति का माहौल हो। फिर भी, हमें आए दिन युद्ध की खबरें सुनने को मिलती हैं। आपको क्या लगता है, दुनिया में शांति कायम करना इतना मुश्‍किल क्यों है?” जवाब के लिए रुकिए। फिर उनसे पूछिए कि क्या आप शास्त्र से उन्हें इस बारे में कुछ बता सकता हैं? अगर घर-मालिक दिलचस्पी दिखाता है, तो उसे जुलाई-सितंबर की प्रहरीदुर्ग का पेज 15 दिखाइए। फिर उसके पहले सवाल में दी जानकारी पर और उसमें दी आयतों में से कम-से-कम एक पर चर्चा कीजिए। पत्रिका पेश कीजिए और दोबारा मिलकर दूसरे सवाल पर चर्चा करने का इंतज़ाम कीजिए।

नोट: 6 जुलाई के दिन प्रचार के लिए जो सभा रखी जाएगी उसमें यह प्रदर्शन दिखाया जाना चाहिए।

प्रहरीदुर्ग जुलाई से सितंबर

“बहुत-से लोगों को लगता है कि परमेश्‍वर बेरहम है क्योंकि वही प्राकृतिक विपत्तियाँ लाता है या इन्हें होने की इजाज़त देता है। आपको क्या लगता है? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको एक आयत दिखा सकता हूँ जो बताती है कि परमेश्‍वर कैसा है? [अगर घर-मालिक दिलचस्पी दिखाता है तो उसे 1 यूहन्‍ना 4:8 पढ़कर सुनाइए।] कई लोग इन शब्दों से राज़ी होते हैं मगर दूसरे नहीं। इस पत्रिका में ऐसे तर्क पेश किए गए हैं जो बताते हैं कि क्यों हमें परमेश्‍वर के बारे में यह राय कायम नहीं करनी चाहिए कि वह बेरहम है।”

परमेश्‍वर की तरफ से खुशखबरी!

“आपके इलाके में जिन लोगों से हमने बात की है, उनमें से ज़्यादातर लोगों को लगता है कि एक प्यार करनेवाला परमेश्‍वर क्यों दुनिया में दुख-तकलीफें लाता है? क्या आपको लगता है कि शुरूआत में परमेश्‍वर ने धरती के लिए जो मकसद ठहराया था, दुख-तकलीफें उसी का हिस्सा हैं?” जवाब के लिए रुकिए। क्या इस बारे में मैं आपको शास्त्र से कुछ बता सकता हूँ? फिर इस ब्रोशर का अध्याय 5 खोलिए, पहले दो पैराग्राफ और उनमें तिरछे अक्षरों में दी आयतों पर चर्चा कीजिए। ब्रोशर पेश कीजिए और दोबारा मिलकर, मोटे अक्षरों में दिए अगले सवाल पर चर्चा करने का इंतज़ाम कीजिए।

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