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पेशकश के नमूने

मई के पहले शनिवार को बाइबल अध्ययन शुरू करने के लिए

“क्या आप ईश्‍वर में आस्था रखते हैं और उससे प्रार्थना करते हैं?” जवाब के लिए रुकिए और बात तभी आगे बढ़ाइए जब आपको लगे कि सामनेवाले को आपके संदेश में दिलचस्पी है। “क्या आप जानना चाहेंगे कि प्रार्थना कैसे हमें परमेश्‍वर के करीब ला सकती है?” जवाब के लिए रुकिए। फिर उसे अप्रैल-जून की प्रहरीदुर्ग दीजिए और पेज 18 के पहले उपशीर्षक में दी जानकारी और वहाँ दी कम-से-कम एक आयत पर चर्चा कीजिए। पत्रिकाएँ पेश कीजिए और अगले सवाल पर चर्चा करने के लिए दोबारा मिलने का इंतज़ाम कीजिए।

प्रहरीदुर्ग अप्रैल से जून

“हाल ही में एक-के-बाद-एक प्राकृतिक विपत्तियों ने तबाही मचायी है। आपको क्या लगता है, ऐसा क्यों हो रहा है? [जवाब के लिए रुकिए।] दिलचस्पी की बात है कि बाइबल में एक ऐसे समय के बारे में भविष्यवाणी की गयी थी जब विपत्तियों का कहर बढ़ जाएगा। क्या मैं आपको वह भविष्यवाणी पढ़कर सुना सकता हूँ? [अगर घर-मालिक इजाज़त देता है, तो मत्ती 24:7, 8 पढ़िए।] यह पत्रिका इन सवालों के जवाब देती है: प्राकृतिक विपत्तियाँ क्यों बढ़ रही हैं? क्या परमेश्‍वर हमें सज़ा देने के लिए ये विपत्तियाँ ला रहा है? हम क्यों यकीन कर सकते हैं कि परमेश्‍वर जल्द ही सारी प्राकृतिक विपत्तियों को खत्म कर देगा?”

सजग होइए! अप्रैल से जून

“बहुत-से लोगों को निराश कर देनेवाली भावनाओं से लड़ना पड़ता है। ये भावनाएँ इतनी ज़बरदस्त होती हैं कि कुछ लोग खुदकुशी करने की सोच बैठते हैं। हम ऐसे लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको शास्त्र से एक वचन दिखा सकता हूँ, जो बताता है कि हमें क्यों अपनी ज़िंदगी की कदर करनी चाहिए? [अगर घर-मालिक दिलचस्पी दिखाता है तो याकूब 1:17 पढ़िए।] ज़िंदगी हमारे सृष्टिकर्ता का दिया एक बेहतरीन तोहफा है। यह लेख समझाता है कि हम उन लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं, जिनमें जीने की आस ही नहीं रही।” पेज 14 पर दिया लेख दिखाइए।

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