प्रश्न पेटी
● मण्डली के पुस्तक अध्ययन में उपस्थित होते वक्त हम कैसे मसीही चालचलन प्रदर्शित कर सकते हैं?
साधारणतः हम हमारे पड़ोसियों द्वारा अवलोकित हैं, और वे कभी कभी हमारे आचरण पर टीका करते हैं और प्रतिक्रिया दिखाते हैं। (१ कुरिन्थियों ४:९ से तुलना करें।) यहोवा के सेवकों के रूप में हम चाहते हैं कि उनकी टीकाएं और प्रतिक्रियाएं हमारे आचरण की ओर अनुकूल रहें। (१ पतरस २:१२) मण्डली के पुस्तक अध्ययन में हमारे कार्य के सम्बन्ध में यह सच है। इसलिए कि इन में अधिकांश निजी घरों में चलाए जाते हैं, विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि हमारे आचरण से हमारे द्वारा की गयी हर बात का अच्छा परिणाम हो। पुस्तक अध्ययन के पड़ोस में, जहाँ गाड़ियों की रोकने की जगह सीमित है, पड़ोसी के लिए हमारा प्रेम हमें अविवेकी रूप से हमारी गाड़ी को एक ऐसी रीति से छोड़ने नहीं देंगे जो उसे असुविधा या तकलीफ़ दे सकता है।
जब भी हम मिलते हैं, हम खुश हो जाते हैं और परिणामस्वरूप बहुधा सभा से पहले और उसके बाद, जोशपूर्ण बातचीत होती है। (मीका २:१२) अच्छे आचरण और दूसरों के लिए लिहाज़ यह माँग करती है कि हमारे वार्तालाप की प्रबलता मर्यादित रहे। (मत्ती ७:१२; गल. ६:१०) मसीही प्रेम भी हमें प्रेरित करेगा कि हमारे बच्चे बाहर न भागे और दूसरों की सम्पत्ति पर हानी न लाए। (नीति. २९:१५; १ कुरि. १३:४, ५) इस में, उस घर में जहाँ पुस्तक अध्ययन चलाया जाता है, आदरयुक्त आचरण भी शामिल है। अगर कोई अनुचित आचरण देखा गया है तो प्राचीनों ने प्रेममय और दृढ़ सलाह देने में देर नहीं करनी चाहिए ताकि ऐसी समस्याएं न आए जो पड़ोसियों से शिकायतों में, उस गृहस्वामी के लिए तकलीफ़, जिन्होंने सत्कारशील रूप से अध्ययन के लिए अपना घर दे दिया है, या फिर उनके लिए असुविधा में परिणामित हो सकता है जो एक अमुक पुस्तक अध्ययन स्थल में उपस्थित होते हैं।