पत्रिकाएँ पेश करने के लिए क्या कहना चाहिए
प्रहरीदुर्ग अप्रैल से जून
“क्या आपको लगता है कि परमेश्वर सभी प्रार्थनाएँ सुनता है? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको एक ऐसा सुझाव दिखा सकता हूँ, जिसकी मदद से हम दिल से प्रार्थना कर पाएँगे? [अगर आपको लगता है कि घर-मालिक को दिलचस्पी है, तो मत्ती 6:7 पढ़िए। फिर पेज 16 पर दिया लेख दिखाइए।] इस दिलचस्प लेख में प्रार्थना से जुड़े ऐसे चार सवाल दिए गए हैं, जो अकसर लोग पूछते हैं। और इनके जवाब शास्त्र से दिए गए हैं।”
सजग होइए! अप्रैल से जून
“हममें से हर कोई अच्छे दोस्त बनाना चाहता है। आप एक दोस्त में कौन-से गुण देखना चाहेंगे? [जवाब के लिए रुकिए।] ध्यान दीजिए कि इस बारे में एक प्राचीन किताब में क्या बात बतायी गयी है। [अगर घर-मालिक को दिलचस्पी है, तो नीतिवचन 17:17 पढ़िए। फिर पेज 22 पर दिया लेख दिखाइए।] इस लेख में ऐसे कई सुझाव दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप अच्छे दोस्त चुन सकते हैं और खुद भी दूसरों के अच्छे दोस्त बन सकते हैं।”
प्रहरीदुर्ग जुलाई से सितंबर
“हर कोई साफ-सुथरे माहौल में रहना चाहता है। और क्या आप जानते हैं, परमेश्वर भी अपने उपासकों से चाहता है कि वे साफ-सुथरे रहें? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको दिखा सकता हूँ कि इस मामले में परमेश्वर ने क्या कहा है? [अगर घर-मालिक ‘हाँ’ कहता है, तो 1 पतरस 1:16 पढ़िए। फिर पेज 9 पर दिया लेख दिखाइए।] इस लेख में साफ-सफाई के बारे में कुछ कारगर सुझाव दिए गए हैं।”
सजग होइए! जुलाई से सितंबर
“आजकल स्कूल जानेवाले बहुत-से बच्चे तनाव से घिरे रहते हैं। क्या आपको लगता है, उनके माँ-बाप के समय से अब हालात बदल गए हैं? [जवाब के लिए रुकिए।] ज़रूरत-से-ज़्यादा तनाव का बच्चे पर बुरा असर हो सकता है। क्या मैं आपको इस सिलसिले में एक शास्त्रवचन दिखा सकता हूँ? [अगर घर-मालिक इस विषय पर चर्चा करना चाहता है, तो सभोपदेशक 7:7क पढ़िए।] यह पत्रिका बताती है कि तनाव का सामना करने में बड़े लोग बच्चों की कैसे मदद कर सकते हैं।”