पत्रिकाएँ पेश करने के लिए क्या कहना चाहिए
प्रहरीदुर्ग जनवरी से मार्च
“कुछ लोग कहते हैं कि अगर आप परमेश्वर के वफादार हैं, तो वह आपको माला-माल कर देगा। लेकिन अगर आप गरीब हैं, तो इसका मतलब है कि परमेश्वर आपसे खुश नहीं है। क्या आपका भी यही मानना है? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको एक ऐसी बात पढ़कर सुना सकता हूँ जिससे पता चलता है कि परमेश्वर क्यों धन-दौलत से प्यार करने को गलत कहता है? यह बात याद रखना हमारे लिए अच्छा होगा। [अगर घर-मालिक राज़ी होता है, तो 1 तीमुथियुस 6:9, 10 पढ़िए।] यह पत्रिका बताती है कि परमेश्वर के सेवक किस तरह की आशीषें पाने की उम्मीद कर सकते हैं।”
सजग होइए! जनवरी से मार्च
“आज परिवारों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपके हिसाब से परिवार का हर सदस्य कैसे पारिवारिक खुशी बनाए रखने में अपना योगदान दे सकता है? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको बाइबल से एक ऐसा सिद्धांत दिखा सकता हूँ, जिसे लागू करने से परिवार में खुशी का माहौल बनाने में मदद मिलेगी? [अगर घर-मालिक ‘हाँ’ कहता है, तो नीतिवचन 1:5 पढ़िए।] इस पत्रिका में ऐसे परिवारों के जीते-जागते अनुभव दिए गए हैं जिन्हें अलग-अलग तरह की समस्याओं से गुज़रना पड़ा और जो उनका सामना करने में कामयाब हुए हैं।” पेज 14 से शुरू होनेवाले लेख दिखाइए।