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पेशकश के नमूने

अप्रैल के पहले शनिवार को बाइबल अध्ययन शुरू करने के लिए

“हम सभी खुशहाल और मकसद-भरी ज़िंदगी जीना चाहते हैं। क्या आप मानते हैं कि दिल से परमेश्‍वर की उपासना करने से खुशी मिलती है? [जवाब के लिए रुकिए। अगर घर-मालिक इजाज़त दे, तो मत्ती 5:3 पढ़िए।] यह पत्रिका समझाती है कि परमेश्‍वर हमारी उपासना के बारे में क्या सोचता है।” अगर घर-मालिक को दिलचस्पी है, तो उसे अप्रैल-जून की प्रहरीदुर्ग दीजिए और पेज 16 के पहले उपशीर्षक में दी जानकारी पर चर्चा कीजिए और वहाँ दी कम-से-कम एक आयत बाइबल से पढ़िए। पत्रिकाएँ पेश कीजिए और अगले सवाल पर चर्चा करने के लिए दोबारा मिलने का इंतज़ाम कीजिए।

प्रहरीदुर्ग अप्रैल से जून

“सेक्स के बारे में लोगों का नज़रिया बदलता ही रहता है। मगर बाइबल में दिए नैतिक स्तर कभी नहीं बदलते। कुछ लोगों को लगता है कि बाइबल के ये स्तर दकियानूसी हैं और बेवजह हम पर बंदिशें लगाते हैं। क्या आप जानना चाहेंगे कि बाइबल के स्तरों पर चलने से हमें कैसे फायदा हो सकता है और इसमें दिए स्तर किसने ठहराए हैं? [जवाब के लिए रुकिए। अगर घर-मालिक दिलचस्पी दिखाता है तो 2 तीमुथियुस 3:16 पढ़िए। फिर पेज 20 पर दिया लेख दिखाइए।] इस लेख में ऐसे दस सवाल दिए गए हैं जो सेक्स को लेकर आम तौर पर लोगों के मन में उठते हैं और बताया गया है कि बाइबल इनके क्या जवाब देती है। लेख यह भी बताता है कि बाइबल स्तरों पर चलने से हमें किस तरह फायदा हो सकता है।”

सजग होइए! अप्रैल से जून

“बिज़नेस की दुनिया में रिश्‍वत देना और बेईमानी के दूसरे तरीके अपनाना बहुत आम हो चुका है। कुछ लोगों को लगता है कि कामयाब होने के लिए कारोबार में थोड़ी-बहुत हेरा-फेरी करनी पड़ती है। आप क्या सोचते हैं? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको इस मामले में एक बुद्धि-भरी बात दिखा सकता हूँ? [अगर घर-मालिक राज़ी होता है, तो पेज 6 पर दिया नीतिवचन 20:17 का हवाला पढ़िए।] यह पत्रिका बताती है कि ईमानदारी दिखाना क्यों फायदेमंद होता है।”

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