चेला बनाने में हमारी सहायता के लिए सभाएं
जून ४ से आरम्भ होनेवाला सप्ताह
गीत ६७ (३८)
५ मि: स्थानीय घोषणाएं और हमारी राज्य सेवा से चुने हुए घोषणाएं। सप्ताह के दिनों और सप्ताहान्त के लिए सामूहिक क्षेत्र सेवकाई व्यवस्थाओं का पुनरवलोकन करें।
२५ मि: “दूसरों के साथ आत्मिक धन बाँटो।” प्रश्नोत्तरी चर्चा। हमारे आत्मिक देन में उदारता से देने के लिए उत्साही प्रोत्साहन दें। जैसे समय अनुमति दे वॉचटावर और अवेक! अभिदानों प्राप्त करने के बारे में चुने हुए अनुभवों कहेलवाएं।
१५ मि: प्रश्न पेटी। श्रोतागण के साथ चर्चा करें।
गीत १९ (२९) और अन्तिम प्रार्थना।
जून ११ से आरम्भ होनेवाला सप्ताह
गीत २८ (५)
८ मि: स्थानीय घोषणाएं, ईश्वरशासित समाचार, और लेखा रिपोर्ट। किसी चन्दा की स्वीकृतियाँ को भी शामिल करें। उनकी आर्थिक सहायताओं के द्वारा राज्य कार्य का समर्थन के लिए कलीसिया की प्रशंसा करें।
२२ मि: “आपका रिवाज क्या हैं?” प्रश्नोत्तरी चर्चा। सभाओं के लिए मूल्यांकन और सभाओं को चूकने की रीति से परे रहने की आवश्यकता पर अधिक ध्यान दें। इस भाग का संचालन करते हुए भाई स्थानीय कलीसिया सभाओं में उपस्थिति के संबन्ध में कैसी हैं उस पर जानकारी शामिल कर सकते हैं।
१५ मि: “विनिन्ग द बेटल एगेन्स्ट दिपरेशन।” मार्च १, १९९० वॉचटावर पृष्ठ ५-९ के लेख पर आधारित प्राचीन द्वारा भाषण। (प्रान्तीय भाषा: “एक पति के नाते प्रेम और आदर दिखाना।” फरवरी १, १९९० प्रहरीदुर्ग) पृष्ठ ४ पर तीक्षण उदासी की जड़ों की सूची को संकेत करते हुए भाषण का आरम्भ करें। इस विषय को करूणा और समझ के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिये। भाईयों को प्रोत्साहन दे कि वे इस सूचना से लाभ प्राप्त करें और उसे दूसरों के साथ बाँटे।
गीत ६५ (३६) और अन्तिम प्रार्थना।
जून १८ से आरम्भ होनेवाला सप्ताह
गीत १३३ (६८)
५ मि: स्थानीय घोषणाएं। वर्तमान पत्रिकाओं में से वार्तालाप के लिए एक अथवा दो अंशों को संक्षेप में प्रस्तुत करें। सप्ताहान्त को क्षेत्र सेवा के लिए स्थानीय व्यवस्थाओं का वर्णन करें।
२२ मि: “सुसमाचार की भेंट—बाइबल अध्ययनों के द्वारा।” प्रश्नोत्तरी वार्तालाप। बाइबल अध्ययन चलानेवाले प्रकाशकों की प्रशंसा करें और जो ऐसा नहीं करते उन्हें दयालु रीति से प्रोत्साहित करें कि वे विचार करें कि वे किस तरह से इस स्थिति को सुधार सकते हैं। परिच्छेदों ४ और ५ के सुझावों को संक्षिप्त रीति से प्रदर्शित करें।
१८ मि: “बाइबल का अधिक उपयोग करना।” श्रोतागण के साथ चर्चा।
गीत १२७ (६४) और अन्तिम प्रार्थना।
जून २५ से आरम्भ होनेवाला सप्ताह
गीत २९ (११)
८ मि: स्थानीय घोषणाएं।
२२ मि: “सत्य को गवाही दो।” लेख पर प्रश्नोत्तरी चर्चा। ऐसे प्रकाशकों का इन्टरव्यू लें जो अपने कार्यक्रम को उस तरह से व्यवस्थित कर पाये हैं जिस से कि वे सहायक पायनियरींग के कार्य में भाग ले सके।
१५ मि: “परमेश्वर का वचन—मनुष्यों का नहीं।” सभी को इस पुस्तक के साथ पूर्ण रूप से परिचित बनने का प्रोत्साहन देते हुए उत्साही भाषण। जिन्होंने इस प्रकाशन को पढ़ा हो और उसका उपयोग किया हो ऐसे एक अथवा दो से मूल्यांकन की अभिव्यक्तियाँ शामिल हो सकते हैं।
गीत ३० (११७) और अन्तिम प्रार्थना।