पूरी धरती में स्मारक का न्यौता बाँटना!
1. स्मारक से पहले पूरी दुनिया में कौन-सा खास अभियान चलाने की योजना बनायी गयी है?
“मेरी याद में ऐसा ही किया करना।” (लूका 22:19) यीशु की यह आज्ञा मानते हुए यहोवा के उपासक, दिलचस्पी दिखानेवालों के साथ मिलकर 30 मार्च, 2010 को यीशु की मौत की यादगार मनाएँगे। स्मारक के लिए 13 से 30 मार्च तक पूरी दुनिया में एक खास न्यौता बाँटा जाएगा।
2. हम लोगों को स्मारक का न्यौता कैसे दे सकते हैं?
2 न्यौता कैसे बाँटें: न्यौता बाँटते वक्त व्यवहार-कुशलता और सूझ-बूझ से काम लीजिए। अगर आपको लगता है कि एक व्यक्ति यीशु के बारे में और ज़्यादा जानने में दिलचस्पी रखता है, तो आप उसे न्यौता दे सकते हैं, ताकि वह उस पर दी गयी तसवीर देख सके। फिर आप उससे कह सकते हैं: “30 मार्च की शाम, दुनिया-भर में लाखों लोग यीशु की मौत की यादगार मनाने के लिए इकट्ठा होंगे। इस सभा में हाज़िर होने के लिए मैं आपको और आपके परिवार को न्यौता देने आया हूँ। यह समारोह इस जगह और इस समय पर मनाया जाएगा।” हालात को ध्यान में रखते हुए आप चाहें तो बाइबल से लूका 22:19 पढ़ सकते हैं और बता सकते हैं कि यह समारोह मनाने की आज्ञा शास्त्र में दी गयी है। याद रखिए कि पूरे इलाके में न्यौता बाँटने के लिए हमारे पास बहुत कम समय है, इसलिए बेहतर होगा कि हम अपनी बात चंद शब्दों में कहें।
3. हम किन्हें न्यौता दे सकते हैं?
3 अगर सही लगे तो शनिवार-रविवार को न्यौते के साथ पत्रिकाएँ भी पेश की जा सकती हैं। अपनी वापसी भेंटों, बाइबल विद्यार्थियों, साथ काम करनेवालों, साथ पढ़नेवालों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दूसरे जान-पहचानवालों को यह न्यौता देना मत भूलिए।
4. यहोवा ने फिरौती का इंतज़ाम करके अपने प्यार का जो सबूत दिया है, उसके लिए कदरदानी होने की वजह से हम क्या करेंगे?
4 पूरा-पूरा हिस्सा लेने की तैयारी कीजिए: प्रचार और सिखाने के काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए स्मारक का समय सबसे बेहतरीन है। क्या आप अपने शेड्यूल में फेरबदल करके इस दौरान सहयोगी पायनियर सेवा कर सकते हैं? क्या आपके बच्चे या बाइबल विद्यार्थी आध्यात्मिक तौर पर अच्छी तरक्की कर रहे हैं? अगर हाँ, तो प्राचीनों से बात कीजिए कि क्या वे बपतिस्मा-रहित प्रचारक बनकर इस खास अभियान में हिस्सा लेने के योग्य हैं। यहोवा ने फिरौती का इंतज़ाम करके अपने प्यार का जो सबूत दिया है, उसे समझने और उसके लिए कदरदानी होने से न सिर्फ हम स्मारक समारोह में हाज़िर होंगे, बल्कि ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों को भी इस समारोह में आने का न्यौता देंगे।—यूह. 3:16.