पेशकश के नमूने
अक्टूबर के पहले शनिवार को बाइबल अध्ययन शुरू करने के लिए
“क्या आपने कभी सोचा है कि परमेश्वर ने बुराई और दुख-तकलीफें क्यों रहने दीं? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं इस विषय पर आपको कुछ दिलचस्प जानकारी दिखा सकता हूँ?” अगर घर मालिक को दिलचस्पी है तो अक्टूबर-दिसंबर की प्रहरीदुर्ग के पेज 18 पर दिए गए पहले उपशीर्षक के तहत दी गयी जानकारी और एक आयत पढ़िए। उसके बाद प्रहरीदुर्ग और सजग होइए! पत्रिकाएँ पेश कीजिए और अगले सवाल पर चर्चा करने के लिए दोबारा मिलने का इंतज़ाम कीजिए।
प्रहरीदुर्ग अक्टूबर से दिसंबर
“यीशु कौन है, इस बारे में लोगों की अलग-अलग राय है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं? [जवाब के लिए रुकिए।] क्या मैं आपको दिखा सकता हूँ कि बाइबल यीशु की भूमिका के बारे में क्या कहती है? [अगर घर-मालिक हाँ कहता है तो यूहन्ना 17:3 पढ़िए।] यह पत्रिका यीशु के बारे में सच्चाई बयान करती है कि वह कहाँ से आया, उसने कैसी ज़िंदगी बितायी और क्यों मरा।”
सजग होइए! अक्टूबर से दिसंबर
“हम आज परिवारों से मिलकर इस बारे में बात कर रहे हैं कि बच्चों की परवरिश से जुड़ी कुछ समस्याओं को कैसे सुलझाया जा सकता है। आपके हिसाब से बच्चों की परवरिश करने में माता-पिताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है? [जवाब के लिए रुकिए।] कई माता-पिता इसके लिए शास्त्र से सलाह लेते हैं। बच्चों को अनुशासन देने के मामले में एक बुद्धिमान इंसान ने एक अच्छी सलाह दी थी। क्या मैं वह आपको पढ़कर सुना सकता हूँ? [अगर घर-मालिक हाँ कहे तो इफिसियों 4:31 पढ़िए।] यह पत्रिका बताती है कि कैसे माता-पिता शास्त्र में दी सलाह के मुताबिक अपने बच्चों की परवरिश उनके छुटपन से लेकर जवानी तक कर सकते हैं।”